पिंकफोंग ब्रांड मार्केटिंग: बच्चों के दिल जीतने के 5 अचूक तरीके!

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핑크퐁 브랜드 마케팅 - **Prompt 1: Pinkfong's Magical Learning Adventure**
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नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तों! क्या आपके बच्चों ने कभी “बेबी शार्क डू डू डू डू डू” गाया है? मुझे यकीन है कि गाते ही होंगे, क्योंकि यह गाना और इसके पीछे की कंपनी पिंकफोंग ने तो पूरी दुनिया में धूम मचा दी है!

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एक ऐसा ब्रांड जिसने बच्चों के मनोरंजन की दुनिया ही बदल दी है. एक छोटे से गाने से लेकर ग्लोबल फेनोमेना बनने तक, पिंकफोंग की यात्रा वाकई कमाल की है. आखिर क्या है इस ब्रांड की मार्केटिंग का रहस्य जो बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी को अपनी धुन पर नचा रहा है?

अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि कैसे पिंकफोंग ने इतने सारे दिल जीते और इतनी बड़ी सफलता हासिल की, तो नीचे दिए गए लेख में विस्तार से जानते हैं!

बच्चों का दिल जीतने का असली जादू क्या है?

छोटी-छोटी चीज़ों का बड़ा कमाल

मेरे प्यारे दोस्तों, मैंने हमेशा देखा है कि बच्चों की दुनिया कितनी निराली होती है. उन्हें वो चीज़ें पसंद आती हैं, जो हमें शायद बहुत सीधी-सादी लगें, लेकिन पिंकफोंग ने इसी सादगी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया.

सच कहूँ तो, जब मैंने पहली बार “बेबी शार्क डू डू डू डू डू” सुना था, तो मुझे लगा था, “ये क्या है?” लेकिन फिर मैंने देखा कि मेरे आस-पास के बच्चे, चाहे वो छोटे हों या थोड़े बड़े, सब इसे गुनगुना रहे थे.

यहीं पर मुझे अहसास हुआ कि पिंकफोंग ने कुछ ऐसा पकड़ लिया है, जो सिर्फ गानों से कहीं बढ़कर है. उन्होंने सिर्फ गाने नहीं बनाए, बल्कि बच्चों के लिए एक ऐसी जादुई दुनिया रच दी है, जहाँ हर चीज़ रंगीन, मज़ेदार और सीखने से भरी है.

उनके हर वीडियो में एक कहानी होती है, एक सीख होती है और सबसे बढ़कर, बच्चों को जोड़े रखने का एक तरीका होता है. ये वीडियो इतने रंगीन और आकर्षक होते हैं कि छोटे बच्चे भी बिना पलक झपकाए इन्हें देखते रहते हैं.

मेरा मानना है कि यही वो जादू है जिसने उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया.

हर उम्र के लिए कुछ न कुछ

पिंकफोंग की एक और कमाल की बात ये है कि उन्होंने सिर्फ प्री-स्कूल बच्चों पर ही ध्यान नहीं दिया. उन्होंने अपने कंटेंट को इस तरह से बनाया है कि थोड़े बड़े बच्चे भी इसमें कुछ न कुछ ढूंढ लेते हैं.

चाहे वो वर्णमाला सीखने वाले गाने हों या जानवरों की दुनिया से जुड़े मज़ेदार तथ्य, पिंकफोंग के पास हर बच्चे के लिए कुछ न कुछ होता है. मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कैसे एक ही परिवार के अलग-अलग उम्र के बच्चे उनके अलग-अलग वीडियो का आनंद लेते हैं.

यह सिर्फ बच्चों को गाने याद करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मज़ेदार तरीके से चीज़ें सीखने का मौका भी देता है. उनके गाने सिर्फ मनोरंजक ही नहीं, बल्कि शैक्षिक भी होते हैं, जो माता-पिता को भी काफी पसंद आते हैं.

एक धुन जिसने पूरी दुनिया पर राज कर लिया

छोटी धुन का बड़ा असर

“बेबी शार्क” सिर्फ एक गाना नहीं, यह एक ऐसी घटना है जिसने साबित कर दिया कि एक छोटी सी धुन भी कितनी शक्तिशाली हो सकती है. जब मैं इस गाने की सफलता के बारे में सोचता हूँ, तो मुझे हैरानी होती है कि कैसे कुछ ही शब्दों और एक आसान सी धुन ने करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बना ली.

मुझे याद है कि कैसे मेरे जानने वाले कई माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चे इस गाने को सुनते ही नाचना शुरू कर देते थे. यह गाने की धुन इतनी कैची है कि एक बार सुनने के बाद आसानी से ज़हन से निकलती नहीं है.

यही तो मार्केटिंग की असली जीत है, जब आपका प्रोडक्ट लोगों के दिमाग में बैठ जाए और वे उसे बार-बार याद करें. पिंकफोंग ने इस धुन को सिर्फ बच्चों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे हर जगह पहुंचा दिया, स्कूल से लेकर पार्टियों तक, हर जगह यह गाना बजने लगा.

विभिन्न भाषाओं में जादू

पिंकफोंग ने सिर्फ अंग्रेजी या कोरियाई में ही नहीं, बल्कि कई अन्य भाषाओं में भी अपने कंटेंट को जारी किया. यह उनकी मार्केटिंग रणनीति का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा था.

मैंने खुद देखा है कि कैसे जब कोई गाना आपकी अपनी भाषा में होता है, तो वह दिल को कितना छू जाता है. “बेबी शार्क” के हिंदी, स्पेनिश, फ्रेंच और अन्य भाषाओं में वर्जन ने इसे वैश्विक रूप से स्वीकार्य बना दिया.

इससे दुनिया के अलग-अलग कोनों के बच्चों को भी इस गाने से जुड़ने का मौका मिला. यह एक ऐसा कदम था जिसने साबित कर दिया कि स्थानीयकरण किसी भी ब्रांड को विश्व स्तर पर सफल बनाने में कितनी मदद कर सकता है.

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डिजिटल युग में सितारे कैसे बने?

यूट्यूब का स्मार्ट इस्तेमाल

आज की दुनिया में, अगर आप बच्चों के बीच लोकप्रिय होना चाहते हैं, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद होना बेहद ज़रूरी है. पिंकफोंग ने इस बात को बहुत अच्छी तरह समझा.

उन्होंने YouTube को अपना मुख्य मंच बनाया और वहां अपने वीडियो अपलोड किए. मैंने देखा है कि कैसे वे न केवल नियमित रूप से नए वीडियो पोस्ट करते हैं, बल्कि अपने पुराने वीडियो को भी प्रासंगिक बनाए रखते हैं.

YouTube सिर्फ वीडियो अपलोड करने का ज़रिया नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा मंच बन गया जहाँ बच्चे और उनके माता-पिता एक साथ कंटेंट का मज़ा ले सकते थे. उनके चैनल का डिज़ाइन, प्लेलिस्ट और थंबनेल सभी इतने आकर्षक होते हैं कि लोग खुद-ब-खुद उन पर क्लिक कर देते हैं.

मुझे लगता है कि यह उनकी डिजिटल रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है जिसने उन्हें इतनी बड़ी सफलता दिलाई है.

सोशल मीडिया पर धूम

सिर्फ YouTube ही नहीं, पिंकफोंग ने सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक का भी बहुत स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल किया. मैंने देखा है कि कैसे उन्होंने अपने गानों के साथ डांस चैलेंज शुरू किए, जिससे बच्चे और बड़े दोनों जुड़ते गए.

यह एक बहुत ही प्रभावी तरीका था जिससे उनका कंटेंट वायरल हुआ. जब लोग खुद किसी ब्रांड के साथ जुड़ते हैं और उसका हिस्सा बन जाते हैं, तो वह ब्रांड और भी तेज़ी से बढ़ता है.

मेरा अनुभव कहता है कि सोशल मीडिया की ताकत को समझना और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना ही आज के समय में सफलता की कुंजी है, और पिंकफोंग ने इसमें महारत हासिल कर ली है.

अनोखे किरदारों का कमाल

यादगार पात्रों का निर्माण

पिंकफोंग की सफलता के पीछे उनके प्यारे और यादगार किरदारों का भी बहुत बड़ा हाथ है. बेबी शार्क के परिवार से लेकर पिंकफोंग नाम के प्यारे लोमड़ी तक, उनके हर किरदार को बच्चों के दिमाग में बिठाने के लिए बहुत सोच-समझकर बनाया गया है.

मुझे लगता है कि बच्चों को ऐसे किरदार बहुत पसंद आते हैं जिनसे वे जुड़ सकें. ये किरदार सिर्फ वीडियो में ही नहीं दिखते, बल्कि उनकी मर्चेंडाइज जैसे खिलौने, कपड़े और किताबें भी काफी लोकप्रिय हैं.

जब मैंने देखा कि कैसे बच्चे अपने पसंदीदा किरदारों वाले खिलौनों के लिए ज़िद करते हैं, तो मुझे अहसास हुआ कि इन किरदारों ने बच्चों के दिल में कितनी जगह बना ली है.

किरदारों से जुड़ी कहानियाँ

सिर्फ किरदार बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन किरदारों के इर्द-गिर्द मज़ेदार कहानियाँ बुनना भी ज़रूरी है. पिंकफोंग ने यही किया है. उनके हर वीडियो में किरदारों के माध्यम से एक छोटी सी कहानी या सीख दी जाती है.

यह बच्चों को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देता, बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी किरदारों से जोड़ता है. मुझे याद है कि कैसे मेरे एक रिश्तेदार का बच्चा पिंकफोंग को अपना दोस्त समझता था और उसकी हर बात मानता था.

यह दिखाता है कि कैसे पिंकफोंग ने अपने किरदारों के ज़रिए बच्चों के साथ एक मजबूत रिश्ता बना लिया है.

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माता-पिता की भी पहली पसंद

शैक्षिक मूल्य और सुरक्षा

पिंकफोंग की एक बड़ी खासियत यह है कि वे सिर्फ बच्चों का मनोरंजन ही नहीं करते, बल्कि उन्हें कुछ न कुछ सिखाते भी हैं. मैंने कई माता-पिता को कहते सुना है कि उन्हें पिंकफोंग का कंटेंट इसलिए पसंद आता है क्योंकि यह बच्चों को अक्षर, संख्याएँ, रंग और सामाजिक शिष्टाचार सिखाने में मदद करता है.

यह माता-पिता के लिए एक जीत की स्थिति है – बच्चे मज़े कर रहे हैं और साथ ही सीख भी रहे हैं. इसके अलावा, पिंकफोंग का कंटेंट बच्चों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त होता है, जो माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है.

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यह भरोसा ही उन्हें पिंकफोंग पर बार-बार लौटने के लिए प्रेरित करता है.

साथ में मनोरंजन का मौका

मेरे अनुभव से, पिंकफोंग का कंटेंट ऐसा होता है जिसे माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ बैठकर एन्जॉय कर सकते हैं. कई बार तो माता-पिता भी बच्चों के साथ मिलकर “बेबी शार्क” पर नाचते हुए दिख जाते हैं.

यह एक ऐसा ब्रांड है जो पूरे परिवार को एक साथ जोड़ने का काम करता है. यह सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक पारिवारिक अनुभव बन गया है. मुझे लगता है कि यह उनकी सफलता का एक और महत्वपूर्ण पहलू है – जब आपका प्रोडक्ट पूरे परिवार को खुश कर सके, तो उसकी सफलता निश्चित है.

सिर्फ गाना नहीं, एक पूरा अनुभव

गाने से बढ़कर उत्पाद

पिंकफोंग ने सिर्फ गानों पर ही अपना ध्यान केंद्रित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने अपने ब्रांड को एक पूरे अनुभव में बदल दिया. मेरे अनुभव में, जब कोई ब्रांड सिर्फ एक प्रोडक्ट तक सीमित न रहकर एक पूरा इकोसिस्टम बनाता है, तो वह ज़्यादा सफल होता है.

पिंकफोंग ने वीडियो, ऐप, खिलौने, कपड़े, किताबें और यहां तक कि लाइव शो भी बनाए. जब मैंने पहली बार उनके ऐप देखे, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ एक गाना डाउनलोड करने का ज़रिया होगा, लेकिन वहाँ तो बच्चों के लिए ढेर सारे इंटरैक्टिव गेम्स और सीखने की गतिविधियाँ थीं.

यह दिखाता है कि उन्होंने अपने दर्शकों को एक व्यापक अनुभव देने की कोशिश की है.

उत्पाद और सेवा का विस्तार

पिंकफोंग ने अपने ब्रांड को इस तरह से विस्तारित किया है कि बच्चे और माता-पिता उनके साथ कई तरीकों से जुड़ सकते हैं. उनका “बेबी शार्क” प्रोडक्ट लाइन इतनी बड़ी है कि इसमें हर तरह की चीज़ें शामिल हैं, जैसे कि कपड़े, खिलौने, किताबें, और यहाँ तक कि वीडियो गेम्स भी.

मैंने देखा है कि कैसे इन उत्पादों की वजह से बच्चों का पिंकफोंग के साथ जुड़ाव और गहरा हो जाता है. यह सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि बच्चों के मनोरंजन और सीखने का एक पूरा ब्रह्मांड बन गया है.

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स्थानीयकरण की ताकत

सांस्कृतिक संवेदनशीलता

पिंकफोंग की एक और महत्वपूर्ण रणनीति जो मुझे बहुत पसंद आई, वह है उनका स्थानीयकरण पर ध्यान देना. उन्होंने सिर्फ अपनी सामग्री का अनुवाद नहीं किया, बल्कि उसे स्थानीय संस्कृतियों और भाषाओं के अनुरूप ढाला.

मैंने देखा है कि जब कोई ब्रांड किसी देश की संस्कृति और भाषा का सम्मान करता है, तो लोग उसे ज़्यादा अपनाते हैं. उनके हिंदी गानों में भारतीय बच्चों के जीवन से जुड़े उदाहरण और भारतीय त्यौहारों का भी ज़िक्र मिलता है, जो बच्चों को सीधे अपने दिल से जोड़ता है.

यह सिर्फ भाषा का अनुवाद नहीं, बल्कि भावना का अनुवाद है.

वैश्विक जुड़ाव, स्थानीय स्वाद

पिंकफोंग ने वैश्विक रूप से प्रसिद्ध होते हुए भी, अपने कंटेंट में स्थानीय स्वाद बनाए रखा. यह एक ऐसा संतुलन है जिसे हासिल करना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन पिंकफोंग ने इसे बहुत खूबसूरती से किया है.

चाहे वह एशियाई देशों में ड्रैगन डांस हो या पश्चिमी देशों में हैलोवीन से जुड़े गाने, उन्होंने हर जगह के बच्चों के लिए कुछ न कुछ खास पेश किया. मुझे लगता है कि यही वजह है कि वे हर संस्कृति में इतने लोकप्रिय हुए हैं.

भविष्य की रणनीति और नए कदम

नया कंटेंट और नवाचार

पिंकफोंग लगातार नया कंटेंट बना रहा है और नए तरीकों से अपने दर्शकों तक पहुंच रहा है. मेरे अनुभव से, किसी भी ब्रांड को सफल बने रहने के लिए हमेशा कुछ नया करते रहना ज़रूरी है.

वे सिर्फ “बेबी शार्क” पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए-नए किरदार और कहानियाँ लेकर आते रहते हैं. मुझे लगता है कि यह उनकी दूरदर्शिता का सबूत है कि वे भविष्य की ज़रूरतों को समझते हैं और उसके अनुसार काम करते हैं.

वे सिर्फ गानों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने एनिमेटेड सीरीज़ और फिल्में भी बनाई हैं, जो उनके ब्रांड को और भी मज़बूत बनाती हैं.

टेक्नोलॉजी का स्मार्ट उपयोग

आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी नई टेक्नोलॉजी बच्चों के मनोरंजन में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही हैं. पिंकफोंग इन टेक्नोलॉजी को भी अपने कंटेंट में शामिल करने की कोशिश कर रहा है.

मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही स्मार्ट कदम है क्योंकि यह उन्हें भविष्य के लिए तैयार रखता है. जब मैंने देखा कि कैसे बच्चे VR गेम्स में इतने मशगूल हो जाते हैं, तो मुझे लगा कि पिंकफोंग का यह कदम उन्हें हमेशा सबसे आगे रखेगा.

वे बच्चों को सिर्फ देखने वाले दर्शक नहीं, बल्कि अनुभव करने वाले भागीदार बनाना चाहते हैं.

पिंकफोंग की सफलता के मुख्य स्तंभ विवरण
मनमोहक और दोहराने योग्य धुनें सरल, आकर्षक धुनें जो बच्चों के दिमाग में आसानी से बैठ जाती हैं।
रंगीन और आकर्षक दृश्य उच्च-गुणवत्ता वाले एनिमेशन जो बच्चों का ध्यान खींचते हैं।
शैक्षिक और सुरक्षित सामग्री मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का अवसर, माता-पिता के लिए भरोसेमंद।
बहु-भाषा और स्थानीयकरण विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कंटेंट, जो वैश्विक पहुंच बढ़ाता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग यूट्यूब और सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति और वायरल मार्केटिंग।
उत्पाद और अनुभव का विस्तार ऐप्स, खिलौने, कपड़े और लाइव शो जैसे विभिन्न उत्पाद लाइनें।
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लेख का समापन

प्रिय दोस्तों, पिंकफोंग की यह जादुई दुनिया वाकई काबिले-तारीफ है। मैंने खुद देखा है कि कैसे एक छोटी सी धुन और कुछ प्यारे किरदारों ने बच्चों के दिल में इतनी गहरी जगह बना ली। यह सिर्फ एक मनोरंजन कंपनी नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जिसने सीखने और खेलने को एक नया आयाम दिया है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि सच्ची रचनात्मकता और अपने दर्शकों को समझने की लगन ही किसी भी चीज़ को वैश्विक स्तर पर सफल बना सकती है। मुझे उम्मीद है कि आपने इस यात्रा का उतना ही आनंद लिया होगा जितना मैंने इसे लिखते हुए लिया है। सच कहूँ तो, पिंकफोंग ने दिखाया है कि बच्चों की मासूमियत और जिज्ञासा को सही दिशा देने पर कितने अद्भुत परिणाम मिल सकते हैं!

आपके काम की कुछ बातें

1. पिंकफोंग ने बच्चों के मनोविज्ञान को गहराई से समझा और उनकी पसंद के अनुसार सरल, आकर्षक और दोहराने योग्य कंटेंट बनाया।

2. उन्होंने अपनी सामग्री को विभिन्न भाषाओं में स्थानीयकृत करके वैश्विक दर्शकों तक अपनी पहुंच बढ़ाई, जिससे सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत हुआ।

3. यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का रणनीतिक उपयोग करके उन्होंने अपने गानों को वायरल किया और बच्चों के मनोरंजन में एक नया ट्रेंड स्थापित किया।

4. शैक्षिक मूल्य और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करके, पिंकफोंग ने माता-पिता का विश्वास जीता और उन्हें अपने बच्चों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाया।

5. केवल गाने ही नहीं, बल्कि ऐप्स, खिलौने और लाइव शो जैसे उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करके, उन्होंने बच्चों के लिए एक संपूर्ण और इंटरैक्टिव अनुभव तैयार किया।

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मुख्य बातों पर एक नज़र

पिंकफोंग की असाधारण सफलता का राज उनके कंटेंट की सादगी, रचनात्मकता और वैश्विक पहुंच में छिपा है। उन्होंने “बेबी शार्क” जैसी सरल धुनों के माध्यम से बच्चों के दिलों पर राज किया और अपनी सामग्री को कई भाषाओं में उपलब्ध कराकर दुनिया भर के घरों में जगह बनाई। मुझे यह देखकर हमेशा खुशी होती है कि कैसे उन्होंने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि सीखने को भी मज़ेदार बना दिया, जिससे माता-पिता भी उन पर भरोसा करने लगे। यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करके और अपने दर्शकों की ज़रूरतों को समझकर, कोई भी ब्रांड सांस्कृतिक सीमाओं को तोड़कर एक विश्वव्यापी घटना बन सकता है। मेरी राय में, पिंकफोंग ने दिखाया है कि कैसे बच्चों के लिए एक सुरक्षित, शैक्षिक और मनोरंजक दुनिया बनाना ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖

प्र: पिंकफोंग और बेबी शार्क की इतनी बड़ी वैश्विक सफलता के पीछे क्या मुख्य कारण हैं?

उ: अरे वाह! यह सवाल तो सच में कमाल का है. मैंने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे “बेबी शार्क” ने पूरी दुनिया को अपनी धुन पर नचाया है.
इसकी सफलता के कई बड़े कारण हैं, और ये कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि स्मार्ट प्लानिंग का नतीजा है. सबसे पहले, इसकी धुन बहुत ही दोहराव वाली और आसान है, जिसे छोटे बच्चे तुरंत पकड़ लेते हैं.
सोचिए, “डू डू डू डू डू” सुनकर ही बच्चे झूमने लगते हैं! दूसरा, इसके बोल इतने सरल हैं कि बच्चे इन्हें आसानी से समझ और दोहरा सकते हैं – जैसे मम्मी शार्क, डैडी शार्क.
यह बच्चों की याददाश्त और भाषा कौशल को भी मजबूत करता है. तीसरा और सबसे अहम, इसमें आसान डांस मूव्स हैं. बच्चे केवल इसे सुनते या देखते नहीं हैं, बल्कि इसके साथ नाचते और गाते भी हैं.
यह उन्हें सोशल होने का मौका देता है और उन्हें संगीत से जुड़ने में मदद करता है. पिंकफोंग ने एक पुरानी कैम्पफायर गाने को मॉडर्न K-पॉप स्टाइल में बदलकर कुछ ऐसा नया बनाया जो पहले कभी नहीं देखा गया था.
उन्होंने सिर्फ एक गाना नहीं बनाया, बल्कि एक पूरा अनुभव दिया, जिसने बच्चों और माता-पिता दोनों के दिलों में जगह बना ली. यही वजह है कि यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक ग्लोबल कल्चरल फेनोमेना बन गया है!

प्र: पिंकफोंग ने दुनिया भर के बच्चों और माता-पिता को आकर्षित करने के लिए कौन सी अनोखी मार्केटिंग रणनीतियाँ अपनाईं?

उ: मैंने हमेशा महसूस किया है कि पिंकफोंग की मार्केटिंग रणनीति सिर्फ गाने बनाने से कहीं ज़्यादा है. उन्होंने बच्चों के कंटेंट की दुनिया में एक तरह से क्रांति ला दी है.
उनकी सबसे बड़ी रणनीति थी YouTube का सही इस्तेमाल करना. उन्होंने “बेबी शार्क” जैसे गानों को YouTube पर अपलोड किया और इसे वायरल होने दिया. कोई बड़ा लॉन्च इवेंट या भारी-भरकम विज्ञापन बजट नहीं था, बस कंटेंट की ताकत पर भरोसा किया.
उन्होंने देखा कि बच्चे दोहराव को पसंद करते हैं, इसलिए उन्होंने ऐसा कंटेंट बनाया जो बच्चे बार-बार देखना चाहें. यह बच्चों के स्वभाव को समझने का एक शानदार उदाहरण है.
इसके अलावा, पिंकफोंग सिर्फ “बेबी शार्क” तक ही सीमित नहीं रहा. उन्होंने बेबीफिन (Bebefinn) और सीलुक (Sealook) जैसे कई नए कैरेक्टर और कंटेंट बनाए, जिससे ब्रांड की प्रासंगिकता बनी रहे.
उन्होंने हेलो किटी (Hello Kitty) और सेसमी स्ट्रीट (Sesame Street) जैसे बड़े बच्चों के ब्रांड्स के साथ भी पार्टनरशिप की, जिससे उनकी पहुंच और बढ़ गई. अपने कंटेंट में चमकीले रंगों का उपयोग करना भी उनकी एक अनोखी पहचान बन गया है, जो बच्चों का ध्यान खींचता है.
ये सब मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाते हैं जहाँ बच्चे और उनके माता-पिता हमेशा कुछ नया और मजेदार पाते हैं.

प्र: बेबी शार्क जैसा एक साधारण गाना एक वैश्विक घटना कैसे बन गया और इसका क्या प्रभाव है?

उ: सच कहूं तो, जब पहली बार मैंने “बेबी शार्क” को सुना था, तो मुझे भी लगा था कि यह सिर्फ एक और बच्चों का गाना है. लेकिन इसने जिस तरह से पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में लिया, वह अविश्वसनीय है!
इसकी शुरुआत 2016 में YouTube पर अपलोड होने के साथ हुई और फिर यह आग की तरह फैल गया. यह सिर्फ एक गाना नहीं रहा, बल्कि एक डांस क्रेज़ बन गया जिसने YouTube चार्ट्स पर राज किया.
इसका प्रभाव इतना गहरा है कि इसने बिलबोर्ड टॉप 40 चार्ट में भी जगह बनाई और वाशिंगटन नेशनल्स (Washington Nationals) जैसी बेसबॉल टीम का अनऑफिशियल एंथम भी बन गया.
पिंकफोंग ने इस गाने की सफलता को एक मजबूत ब्रांड बनाने में इस्तेमाल किया. उन्होंने “बेबी शार्क” के खिलौने, कपड़े, बैंड-एड्स और यहाँ तक कि सेरेल (cereals) भी लॉन्च किए.
यह केवल गाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एनिमेटेड सीरीज़, फीचर फिल्म, और ग्लोबल म्यूजिकल शो टूर भी हुए, जिसमें लाखों फैंस ने भाग लिया. आज, इस गाने के YouTube पर 16 बिलियन से ज़्यादा व्यूज़ हैं और यह दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला वीडियो बन चुका है.
पिंकफोंग कंपनी की मार्केट वैल्यू $400 मिलियन से ज़्यादा हो गई है, यह दिखाता है कि एक साधारण गाना भी सही रणनीति और क्रिएटिविटी के साथ एक ग्लोबल साम्राज्य कैसे खड़ा कर सकता है.
मैंने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे यह गाना बच्चों को खुश करता है और उन्हें संगीत से जोड़ता है. यह वाकई एक अजूबा है!